उत्तराखंड में अगले वर्ष सेंट्रल इंस्टीट्यूट आॅफ प्लास्टिक इंजीनियरिंग एंड टेक्नॉलजी होगा प्रारम्भ

उत्तराखंड में अगले वर्ष सेंट्रल इंस्टीट्यूट आॅफ प्लास्टिक इंजीनियरिंग एंड टेक्नॉलजी होगा प्रारम्भ

नई दिल्ली | एन.आई.टी. सुमाडी, श्रीनगर अपने पूर्व निर्धारित स्थल पर ही बनाया जाएगा। इसके साथ ही उत्तराखण्ड में सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ प्लास्टिक इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी द्वारा अगले वर्ष से पाठ्यक्रमों का संचालन प्रारंभ किया जाएगा। यह जानकारी मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मंगलवार को नई दिल्ली में संबंधित केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात के उपरांत दी।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने मंगलवार को नई दिल्ली में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर से मुलाकात कर श्रीनगर एनआईटी और नए केंद्रीय विद्यालयों के विषय में चर्चा की। मुलाकात के उपरांत मीडिया से अनौपचारिक वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखण्ड में एनआईटी श्रीनगर पूर्व निर्धारित स्थल पर ही बनाया जाएगा। एनआईटी के प्रदेश से बाहर स्थानांतरित होने की कोई वजह नहीं है और राज्य सरकार एनआईटी संचालन और निर्माण में पूर्ण सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में नए केंद्रीय विद्यालय खोलने पर भी केंद्रीय मंत्री ने सकारात्मक रूख दिखाया है।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित शास्त्री भवन में केन्द्रीय उर्वरक एवं रसायन मंत्री श्री अनंत कुमार से भेंट की। इस अवसर पर हुई चर्चा में बताया गया कि उत्तराखण्ड के 26 सरकारी अस्पतालों में शीघ्र जनौषधि केन्द्र खोले जायेंगे, जिसमें सस्ती दवाएं उपलब्ध करायी जायेगी। बताया गया कि उत्तराखंड में अगले वर्ष जनवरी में मकर संक्रान्ति से सेंट्रल इंस्टीट्यूट आॅफ प्लास्टिक इंजीनियरिंग एंड टेक्नॉलजी को प्रारम्भ करने पर भी सहमति बनी। सीपेट के तहत 06-06 महीने के कौशल विकास कोर्स जल्द शुरू किये जायेंगे।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने मंगलवार को ही नई दिल्ली स्थित ट्रांसपोर्ट भवन में केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी से भी भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की केन्द्रीय मंत्री से मुज़फ्फ़रनगर-देहरादून सड़क मार्ग के सम्बन्ध में चर्चा हुई। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि मुज़फ्फ़रनगर-देहरादून सड़क मार्ग पर जल्द ही कार्य शुरू किया जायेगा। प्रदेश में जिन राष्ट्रीय राजमार्गों के कार्य आवंटित कर दिये गये है, उनके शीघ्र निर्माण के लिए लगातार माॅनिटरिंग की जायेगी। इस अवसर पर उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डॉ धन सिंह रावत भी उपस्थित थे।