उत्तराखण्ड राज्य स्वच्छता के क्षेत्र में एक मिशाल कायम करे – वेंकैया नायडू

उत्तराखण्ड राज्य स्वच्छता के क्षेत्र में एक मिशाल कायम करे – वेंकैया नायडू

देहरादून | केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री श्री एम.वेंकैया नायडू एवं मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गुरूवार को एक स्थानीय होटल में संयुक्त रूप से उत्तराखण्ड सरकार के शहरी एवं आवास विकास योजना की समीक्षा की। श्री नायडू ने कहा कि उत्तराखण्ड को स्वच्छ भारत मिशन, अमृत योजना और दीन दयाल अन्त्योदय योजना के तहत 51.14 करोड़ रूपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। श्री नायडू ने कहा कि केन्द्र सरकार रिफार्म, परफार्म और ट्रांसफार्म के सिद्धांत पर कार्य कर रही है। धन का आवंटन जनसंख्या के आधार के स्थान पर न होकर प्रदर्शन के आधार पर होगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड के पास प्रदर्शन के आधार पर धन के मांग की क्षमता मौजूद है। सरकार को आवश्यकता अनुरूप विकास कार्यों में लोचशीलता का प्रदर्शन करना होगा। श्री नायडू ने शहरी विकास के अमृत योजना, स्वच्छ भारत मिशन कार्यक्रम और स्मार्ट सिटी की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन पर विशेष बल देते हुए कहा कि उत्तराखण्ड राज्य स्वच्छता के क्षेत्र में एक मिशाल कायम करें, ताकि उत्तराखण्ड की यह सफलता अन्य राज्यों की सफलता की कहानी के रूप में सामने आए। स्वच्छता मिशन कार्यक्रम एक जन आंदोलन के रूप में चलाने की आवश्यकता है, ताकि लोगों के सिस्टम व सोच में सुधार हो। स्मार्ट सिटी योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी के रूप में देहरादून का विकास किया जायेगा। जो देहरादून नगर एक लाईट हाउस के रूप में सामने होगा। देहरादून नगर से अन्य नगर प्रेरित होकर विकास के लिए सोचेंगे। दीन-दयाल अन्त्योदय योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है।

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जानकारी देते हुए बताया कि गरीबों और पिछडे वर्गों के कल्याण के लिए सरकार हर स्तर पर कार्य कर रही है। स्वच्छता मिशन कार्यक्रम तथा नगर विकास से संबंधित विभिन्न योजना की निरन्तर माॅनिटरिंग की जा रही है। जल्द ही इससे संबंधित अलग-अलग योजना की विशेष कार्यशाला का भी आयोजन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इस समीक्षा बैठक के अनुभव का उपयोग योजना को धरातल पर प्रभावी ढंग से लाने के लिए किया जायेगा।

नगर विकास मंत्री श्री मदन कौशिक ने कहा कि महाकुंभ 2021 के लिए अभी ढ़ाई वर्ष शेष है और स्थायी कार्य को प्रभावी ढ़ंग से पूर्ण करने के लिए इतने समय की आवश्यकता होती है। इस कारण धन का समुचित उपयोग किया जा सकता है। प्रधानमंत्री आवस योजना के तहत आवश्यक नीति बनायी जायेगी और प्राईवेट बिल्डर्स के साथ मिलकर कार्य किया जायेगा। उन्होंने कहा ड्रेनेज सिस्टम की ओर राज्य सरकार विशेष ध्यान दे रही है।

बैठक के पश्चात् स्वच्छ भारत मिशन के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले नगर निकाय, मसूरी, नरेन्द्रनगर, अल्मोड़ा, नैनीताल और चकराता को सम्मानित भी किया गया।

बैठक में सांसद डाॅ.रमेश पोखरियाल निशंक, विधायक श्री उमेश शर्मा, केन्द्रीय आवास विकास सचिव श्री दुर्गाशंकर मिश्रा, मुख्य सचिव श्री एस.रामास्वामी, सचिव आवास विकास श्रीमती राधिका झा, सचिव अमित सिंह नेगी सहित केन्द्र एवं राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी आदि उपस्थ्ति थे।