खालसी में खुशी की लहर, IAS भंडारी को उतराखण्ड कैडर आवंटित, जून 2017 में बनेंगे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट

खालसी में खुशी की लहर, IAS भंडारी को उतराखण्ड कैडर आवंटित, जून 2017 में बनेंगे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट

ias-bhandari-magistrateहरीश थपलियाल, चिन्यालीसौड़।  सामान्य परिवार में पले- बड़े सैनिक के बेटे नरेंद्र भंडारी पुत्र उधम सिंह ने प्रतिभा के बूते देश की सर्वोच्च परीक्षा आईएएस में चयन होने पर जिले का मान बढ़ाया हैं, वहीँ नरेंद्र को उत्तराखंड केडर मिलने से जनपद भर में खुशी का माहौल है।
प्रखंड के दिचली पट्टी के खालसी के रहने वाले नरेंद्र भंडारी का बीते माह आईएएस परीक्षा का परिणाम घोषित हुआ था। जिसमें उन्होंने 228 वीं रैंक हासिल की। जिस पर जनपद व् प्रदेश को गौरव प्राप्त हुआ।

नरेंद्र की प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा गाँव के शिशु मंदिर में हुई थी, पिता सेना में थे, तो 10 वीं रायवाला और 12 वीं क्लेमेनटाउन के आर्मी स्कूल से पास किया। इसके बाद नरेन्द्र का चयन भारतीय सूचना तकनीकी संस्थान इलाहाबाद में हुआ, जहाँ से उन्होंने बीटेक की डिग्री पास की। डिग्री लेने के तुरंत बाद ही नरेंद्र ने मल्टीनेशनल कंपनी में बतौर डाटा एनालिस्ट काम शुरू किया। लेकिन प्रयास जारी रखते हुए सिमित संसाधनों में बचपन व्यतीत कर चुके नरेंद्र ने कुछ अलग करने की ठानी और आईएएस परीक्षा पास करने के लिए वे दिल्ली में बाजीराव कोचिंग संस्थान से तैयारी करने लगे, और उन्हें पहले ही प्रयास में आईएएस परीक्षा में सफलता हासिल हुई। अब नरेंद्र 28 अगस्त से मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री आईएएस अकादमी में प्रशिक्षण लेंगे और अगले वर्ष 2017 में प्रशिक्षण के दौरान ही प्रशिक्षु असिस्टेंट कलेक्टर की जिम्मेदारी दी जायेगी और जून 2018 में वे भारतीय प्रशासनिक सेवा की शपथ लेंगे। उनके कलेक्टर बनने से उनके गांव को खासी उम्मीदें जगी है कि वे गांव की नहीं बल्कि प्रदेश की मूलभूत सुविधाओं के लिए कुछ अलग करेंगे।

ias-bhandari-villageनरेंद्र ने बताया कि प्रदेश हित में सड़क, स्वास्थ,शिक्षा,पेजयल,रोजगार, पर्यटन उनकी प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने अपने गांव खालसी में भी पेयजल किल्लत को दूर करने की बात कही।

इसके अलावा उन्होंने बताया कि सिमित संसाधनों में मुकाम पाया जा सकता है, बशर्त जीवन में कुछ करने का लक्ष्य हो। लेकिन जीवन में संघर्ष है, इसे जीतना ही है।

नरेंद्र के पिता सेना से सेवा निवृत हो चुके हैं जबकि माता गृहणी है। और नरेंद्र का छोटा 12 वीं में पड़ रहा है।

आने वाले चरण:

  • 28 अगस्त 2016 – LBSNAA मसूरी में शामिल होंगे
  • 2017 – प्रशिक्षण के दौरान ही असिस्टेंट कलेक्टर बनेंगे
  • जून 2018 – एक जिले के IAS बनेंगे