चीन सीमा को अभेद बनाने को सेना व वायुसेना ने किया चिन्यालीसौड व मातली संयुक्त अभ्यास

चीन सीमा को अभेद बनाने को सेना व वायुसेना ने किया चिन्यालीसौड व मातली संयुक्त अभ्यास


उत्तरकाशी में चीन सीमा को अभेद बनाने के लिए सेना और वायु सेना ने मिलकर संयुक्त अभ्यास किया। इस दौरान आसमान में (एएन) हेलीकॉप्टरों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।


उत्तरकाशी: डोकलाम विवाद के बाद सीमाओं को अभेद बनाने में जुटी वायु सेना व सेना ने उत्तरकाशी जिल के चिन्यालीसौड, हर्षिल व मातली में सैन्य अभ्यास किया। इस दौरान आसमान में विमान और हेलीकॉप्टरों के शोर की गूंज रही।

मंगलवार को तीन बार एएन 32 (मालवाहक जहज) वायु सेना ने उतारा। इसके साथ ही वायु सेना की टीम ने एमआइ 17 हेलीकॉप्टर से भी मातली और हर्षिल के बीच सैन्य अभ्यास किया। इस सैन्य अभ्यास को वायु सेना ने ‘गगन शक्ति’ का नाम दिया है। यह अभ्यास 18 अप्रैल को भी चलेगा।

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार सुबह 6 बजे से उत्तरकाशी और हर्षिल के बीच आसमान में हेलीकॉप्टरों की गडगडाहाट शुरू हुई।  एक के बाद एक हेलीकॉप्टर उत्तरकाशी मातली से हर्षिल और के बीच चक्कर लगाते रहे। साथ ही मालवाहक विमानों ने भी उड़ान भरी।


 इसी बीच चिन्यालीसौड में एमआइ 17 हेलीकॉप्टर से रस्सी के सहारे पैरा कमांडो उतरे। उधर मातली हर्षिल के बीच वायु सेना ने हेलीकॉप्टर से 15 से अधिक चक्कर लगाए। सुबह साढ़े सात बजे वायु सेना का एएन 32 सैनिक को लेकर चिन्यालीसौड हवाई पट्टी पर पहुंचा। सैनिकों को उतारने के बाद एएन 32 ने तीन बार लैंडिंग और चेक आफ किया। इस दौरान सैनिकों ने मालवाहक से सामना उतारने और चढ़ने का भी अभ्यास किया गया।

इससे पहले चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी पर फरवरी माह में एएन 32 विमान की लैंडिंग और टेक आफ का परीक्षण वायु सेना ले चुकी है। चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इस हवाई पट्टी पर वायु सेना पहले हरक्यूलिस, एएन 32 विमान की लैंडिंग करा चुकी है।

लेकिन, अब भारतीय वायुसेना व सेना के संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘गगन शक्ति’कर रही है। सैन्य अभ्यास के दौरान चिन्यालीसौड़ हवाईपट्टी, हर्षिल व आसपास के हैलीपैड़ों में सुरक्षा व्यवस्था रही।