गैरसैंण बजट सत्र: सदन के बाहर कांग्रेस और भाजपा विधायकों की बीच नारेबाजी की जंग

गैरसैंण बजट सत्र: सदन के बाहर कांग्रेस और भाजपा विधायकों की बीच नारेबाजी की जंग

गैरसैंण विधानसभा में बजट सत्र के दूसरे दिन बुधवार को सदन के बाहर कांग्रेस और भाजपा विधायकों की बीच नारेबाजी की जंग हुई। कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते हुए विधानसभा की ओर बढ़े तो बीजेपी विधायकों ने उन्हें गेट पर रोक दिया। सदन में सत्र के दूसरे दिन भी विपक्ष ने स्थाई राजधानी को लेकर हंगामा किया।

बुधवार को नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश कांग्रेस विधायकों के साथ जुलूस की शक्ल में विधानसभा पहुंची। इस दौरान गैरसैंण को लेकर भाजपा और कांग्रेस विधकों में नोक झोंक भी हुई। उधर, शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि पहले गैरसैंण को जिला बनाया जाए। उसके बाद राजधानी बनाने पर विचार हो। वहीं सत्र के पहले दिन फेल होने के बाद पुलिस विभाग जाग गया और बुधवार को बैरिकेडिंग पर फोर्स बढ़ा दी।

कांग्रेस विधायक आज दो अभी दो गैरसैंण राजधानी दो के नारे लगाए और गैरसैंण-गैरसैंण करते हुए विधानसभा गेट की ओर बढ़े ही रहे थे। उन्होंने गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने के नारे लगाए। मुख्यमंत्री और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस के विधायकों को भवन की ओर आते देख भाजपा विधायक गेट पर खड़े हो गए और उन्होंने कोंग्रेस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।

कांग्रेस विधायक नेता प्रतिपक्ष डा इंदिरा हृदयेश के नेतृत्व में जैसे ही कांग्रेस गेट पर पहुंचे तो दोनों ही दलों के विधायक आमने–-सामने आ गए। एक दूसरे के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करने लगे। इस दौरान बीजेपी विधायकों ने कांग्रेस विधायकों को आगे बढ़ने से रोक दिया। हालांकि यह स्थिति ज्यादा देर नहीं रही। आंदोलनकारियों ने कई घंटों से नैनीताल गैरसैंण हाईवे जाम कर दिया। स्थानी राजधानी की मांग को लेकर आंदोलनकारियों ने जाम लगाया।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार गैरसैंण को लेकर राज्य की जनता के साथ खिलवाड़ कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने गैरसैंण को स्थायी राजधानी के तौर पर विकसित कर लिया था, लेकिन भाजपा मिनी सचिवालय का शगूफा दे रही है। उन्होंने मांग की की सरकार गैरसैंण को तत्काल स्थाई राजधानी घोषित करे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सदन में इसके लिए काम रोको प्रस्ताव लेकर आएगी।

राज्य अभिभाषण पर आज आएगा धन्यवाद प्रस्ताव
विधानसभा सत्र के दौरान बुधवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश होगा। इसके बाद अभिभाषण पर चर्चा होगी। विपक्ष भी गैरसैंण पर कार्य स्थगन प्रस्ताव लाएगा। सरकार की ओर से सदन पटल पर पत्र रखे जाएंगे। उत्तराखंड कृषि उत्पाद मंडली परिषद (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक 2017 पर विचार होगा। चर्चा के बाद उसे पारित किया जाएगा।