ऋषिकेश टू गंगोत्री। ऑल वेदर सड़क का काम जोरों पर ‘ विडियो ‘

ऋषिकेश टू गंगोत्री। ऑल वेदर सड़क का काम जोरों पर ‘ विडियो ‘


ऋषिकेश टू गंगोत्री। ऑलवेदर रोड़, निर्माण तेजी से


नरेन्द्र नगर में शीशपाल गुसाई : – थोड़ा मुशीबत, दिक्कत तो झेलनी लोगों को पड़ रही है। लेकिन यह सौ साल आगे की जीवन रेखा बन रही है। 10 साल बाद पहाड़ पर पर्यटन, इस वजह से उछाल मारेगा। मैदान और पहाड़ की दूरी कम हो जाएगी। कुछ लोग अपना भविष्य पर्वत पर देख सकेंगे। अच्छा पर्यावरण मिलेगा। ताजी हवा पानी से जिंदगी के 10 वर्ष बोनस में मिलेंगे। ऐसे सपने और उम्मीद पाल रहे हैं हम।



नरेन्द्र शाह से नरेंद्र मोदी तक।




1930 के आसपास राजा नरेन्द्र शाह ने यह सड़क बनाई थी।
उससे पहले कीर्ति शाह पूरी सड़क नहीं बना पाए। कीर्ति जी के जमाने बीच बीच में गाड़ियों की अदला बदली होती थी। तब नरेंद्र नगर बसा नहीं था। लंदन से कीर्ति शाह की कार टिहरी शहर आई , तो अलग अलग पुर्जे लाये गए। तब जोड़े गए।और तब वह शहर में चली। हालांकि 1954 से इस रोड़ पर गेट सिस्टम लागू हो गया था। जो धरासू तक था। इस सड़क को सार्वजनिक बिभाग उत्तर प्रदेश, NHAI (National Highways Authority of India)  के फंड से बीआरओ ने बहुत अच्छा बनाया, टीएचडीसी ने अपने विशाल काय बांध में बड़ी- बड़ी मशीनों के लिये इसे चम्बा तक शानदार बनवाया। अब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, इसे ऑलवेदर रुप दे रहे हैं। जो अच्छी बात है। उनकी इसके लिए प्रशंसा की जानी चाहिए।




 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड की बहुप्रतीक्षित 12 हजार करोड़ रुपये लागत की 900 किमी लंबी चारधाम राजमार्ग विकास परियोजना का शिलान्यास किया। इस परियोजना के तहत प्रदेश के चारधाम मार्गों में सुधार लाने के साथ ही इन्हें तकनीकी आधार पर मजबूत और सुरक्षित किया जाना प्रस्तावित है।

12 हजार करोड़ की इस योजना के तहत सड़कों पर 11330.05 करोड़ रुपये व्यय होंगे, शेष राशि भूमि अधिग्रहण, वन पर्यावरण मंजूरी और उपयोगिता व स्थानांतरण में खर्च होगी। इस योजना को पूरा करने का लक्ष्य वर्ष 2020 रखा गया है। यह परियोजना सर्वे ऑफ इंडिया, भारतीय सुदूर संवेदन संस्थान, भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण, वन विभाग, केंद्रीय जल आयोग, सीमा सड़क संगठन, राज्य लोक निर्माण विभाग, नागरिक उड्डयन विभाग, राज्य आपदा, राजस्व, पर्यटन व पुलिस विभाग की रिपोर्ट के आधार पर बनाई गई है।

परियोजना पर एक नजर

(बस बे व ट्रक बे: सड़कों के किनारे बड़ा खुला स्थान)

कुल लंबाई: 889 किमी

कुल लागत: 11330.05 करोड़ रुपये।