उत्तरकाशी के लिए सोमवार काल साबित हुआ। 13 लोकल लोगों की जान से पूरा उत्तरकाशी हिल गया है।

उत्तरकाशी के लिए सोमवार काल साबित हुआ। 13 लोकल लोगों की जान से पूरा उत्तरकाशी हिल गया है।


भटवाड़ी ब्लॉक में इस घटना से हाहाकार मचा है।


गंगोत्री हाईवे पर संगलाई गांव के निकट भूस्खलन की चपेट में आकर एक टैंपो ट्रेवल गहरी खाई में गिर गया। हादसे में 13 ग्रामीणों की मौके पर ही मौत हो गई है, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि चालक सहित वाहन में कुल 15 लोग सवार थे। ये सभी सोमवार की दोपहर को गंगोत्री से दर्शन कर लौट रहे थे। वहीं, सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए हर संभव मदद की बात कही है।



लोगों ने बताया कि, भंकोली गांव से बीती रविवार को 60 ग्रामीणों का दल पांच अलग-अलग वाहनों से नागदेवता की डोली को लेकर गंगोत्री धाम गया था। सोमवार सुबह गंगा स्नान करने के बाद सभी अपने-अपने वाहनों में दल के सदस्य वापस लौटे। टैंपो ट्रेवलर में 14 ग्रामीण सवार थे।, जिसमें अधिकांश एक ही परिवार के थे।

गंगोत्री से 60 किलोमीटर उत्तरकाशी की ओर गंगोत्री हाईवे पर संगलाई गांव के निकट पहाड़ी से अचानक भूस्खलन हुआ। उसी दौरान हाईवे से गुजर रहा ग्रामीणों का टैंपो ट्रैवलर मलबे की चपेट में आ गया और करीब दो सौ मीटर गहरी खाई में गिर गया। ट्रैवलर के गिरते समय दो लड़कियां वाहन से छिटककर अलग हो गई।

वहीं, हादसे को देख संगलाई गांव के प्रधान पूर्ण सिंह और अन्य ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और दोनों घायल लड़कियों को सड़क तक पहुंचाया। इतने में देवडोली यात्रा में गए अन्य ग्रामीणों के वाहन भी वहां पहुंच गए, घटना को देखकर इन ग्रामीणों में हाहाकार मच गया। हादसे की सूचना पर भटवाड़ी पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। साथ ही जिलाधिकारी डा. आशीष चौहान, एसडीएम देवेंद्र सिंह नेगी घटना स्थल पर पहुंचे। रेस्क्यू के लिए प्रशासन ने आइटीबीपी मातली से भी मदद मांगी।



सीएम ने हादसे पर जताया दुख

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उत्तरकाशी में हुए हादसे में मृतकों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने विधायक गोपाल रावत से फोन पर घटना की पूरी जानकारी ली। उन्होंने विधायक को संबंधित अधिकारियों के संपर्क में रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही घायलों का समुचित उपचार सुनिश्चित करने और मृतक आश्रितों को आर्थिक सहायता तुरंत उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं।